दिल की बस्ती एक ऐसी बस्ती (habitation) है !
जो बहुत मुश्किलों से बसती है (gets inhabited) !!
दुनिया खो जाये तो बहुत महंगी,
दुनिया खो जाये तो बहुत महंगी,
और अगर मिल गयी तो सस्ती है!
वक़्त के हाथों की है कठपुतली (puppet),
और क्या आदमी की हस्ती (worth) है ?
पूजता कौन है खुदा को अब ?
पूजता कौन है खुदा को अब ?
अब तो हर सिम्त (everywhere) खुद-परस्ती (self-worship) है !!
पस्तियों में भी एक ऊँचाई
पस्तियों में भी एक ऊँचाई
हर बुलंदी में कोई पस्ती (lowliness) है !
कोई आसूदा-हाल (well-off) क्या जाने ?
तंग-हाली (impoverishment) में कैसी मस्ती (ecstasy) है !
कोई आसूदा-हाल (well-off) क्या जाने ?
तंग-हाली (impoverishment) में कैसी मस्ती (ecstasy) है !
--- Jawaid 'Saahir'
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