अपने मुल्क की शान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !
एक भला (gentle) इंसान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !
कहती हैं के , ''ला'ल मेरा , कुछ बन कर के दिखलायेगा ;
वो क्या है , यह सारी दुनिया को , एक दिन बतलायेगा !''
कहती हैं के , ''मेरा चंदा , चम् -चम् , चम् -चम् , चमकेगा ;
सूरज और सितारों जैसा , धरती पर ही दमकेगा !''
लेकिन ये अल्लाह ही जाने , के मेरी मंज़िल है कहाँ ,
मेरे जीवन की कश्ती का , न जाने साहिल (shore) है कहाँ ?
खुद अपनी पहचान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !!
एक भला (gentle) इंसान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !
मेरे वजूद (being, existence) में , उनकी दुआएं , उनकी मोहब्बत , शामिल (included) है ,
आज मैं जो कुछ हूँ , उस में अम्मी की मशक्क़त (toil) शामिल है !
मेरे बचपन और लड़कपन से लेकर के आज तलक,
अम्मी ने ना जाने कितने दुःख झेले मेरी खातिर;
अम्मी की ही उंगली पकड़ के, दुनिया को देखा भाला;
तब कहीं जा के इस दुनिया को कुछ -कुछ समझ सका 'साहिर'!
राहत (bliss) का सामान (means) बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !!
एक भला (gentle) इंसान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं!
मेरी अदना (petty) ज़ात (self) पे तो एहसान बहुत हैं अम्मी के ,
और इस ज़ात (self) से वाबस्ता (related), अरमान बहुत हैं अम्मी के!!
मेरे मालिक (master; God), मेरे आका (master; God), तुझ से है 'साहिर' की दुआ (prayer),
ममता का आँचल कायम रखना तू मेरे सर (head) पे सदा (always)!
रंग हकीकत (truth) के , मेरी माँ के सपनों में भर देना ,
मुझ से वाबस्ता , उसकी हर ख्वाहिश (desire), पूरी कर देना ......!!!
एक भला (gentle) इंसान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !
कहती हैं के , ''ला'ल मेरा , कुछ बन कर के दिखलायेगा ;
वो क्या है , यह सारी दुनिया को , एक दिन बतलायेगा !''
कहती हैं के , ''मेरा चंदा , चम् -चम् , चम् -चम् , चमकेगा ;
सूरज और सितारों जैसा , धरती पर ही दमकेगा !''
लेकिन ये अल्लाह ही जाने , के मेरी मंज़िल है कहाँ ,
मेरे जीवन की कश्ती का , न जाने साहिल (shore) है कहाँ ?
खुद अपनी पहचान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !!
एक भला (gentle) इंसान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !
मेरे वजूद (being, existence) में , उनकी दुआएं , उनकी मोहब्बत , शामिल (included) है ,
आज मैं जो कुछ हूँ , उस में अम्मी की मशक्क़त (toil) शामिल है !
मेरे बचपन और लड़कपन से लेकर के आज तलक,
अम्मी ने ना जाने कितने दुःख झेले मेरी खातिर;
अम्मी की ही उंगली पकड़ के, दुनिया को देखा भाला;
तब कहीं जा के इस दुनिया को कुछ -कुछ समझ सका 'साहिर'!
राहत (bliss) का सामान (means) बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं !!
एक भला (gentle) इंसान बनूँगा , मेरी अम्मी कहती हैं!
मेरी अदना (petty) ज़ात (self) पे तो एहसान बहुत हैं अम्मी के ,
और इस ज़ात (self) से वाबस्ता (related), अरमान बहुत हैं अम्मी के!!
मेरे मालिक (master; God), मेरे आका (master; God), तुझ से है 'साहिर' की दुआ (prayer),
ममता का आँचल कायम रखना तू मेरे सर (head) पे सदा (always)!
रंग हकीकत (truth) के , मेरी माँ के सपनों में भर देना ,
मुझ से वाबस्ता , उसकी हर ख्वाहिश (desire), पूरी कर देना ......!!!
---- Jawaid 'Saahir'
Comments
Wo hote haiN qismat wale, jinki maaN hoti hai...............!''
I'm back to the blog after many days....
thanks for your comments! Happy Mothers' Day to all bcoz 'Every day is mothers' day'!!
these emotional outpourings are purely inspired by the mother and her love. the resemblance to 'papa kahtey hain', or Javed Akhtar Sahib's 'Mujhko YaqiN hai Such kahti thiN, Jo bhi Ammi Kahti TheeN'', are just coincidences. :))