दिल दुखा है बहुत, वफ़ा (fidelity) कर के!
हम भी देखेंगे अब जफ़ा (disloyalty) कर के!!
तीरगी (darkness) और बढ़ गयी, दिल की,
क्या मिला हम को घर जला कर के?
दर्द ही दर्द हैं मोहब्बत में,
हमने जाना है दिल लगा कर के!
मुतमइन (satisfied) है जो भूल कर हम को,
ख़ुश नहीं हम, उसे भुला कर के!
बाद मेरे वो शख्स सोचेगा,
खो दिया किस को, उसने पा कर के!
उसकी चाहत ने मुझको ए 'साहिर',
रख दिया क्या से क्या बना कर के!!
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Jawaid 'Saahir'
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