मेरे अल्लाह मुझ को कामयाब -ओ -कामरां (successful) कर दे ! मैं मुश्त -ए-ख़ाक (a handful of dust) हूँ मालिक , तू मुझको आसमां कर दे !! गुनाहों और खताओं को हमारी माफ़ फरमा कर भलाई और नेकी से मुज़य्यन (adorn ) जिस्म -ओ - जाँ कर दे ! मैं अपने दस्त -ओ -बाज़ू (hands and arms) से दिखा दूँ कुछ नया कर के मेरी हिम्मत को , मेरे अज्म (will power ) को , इतना जवाँ कर दे !! मसाइब ( adversaries ) की है तपती धुप , झुलसा जा रहा हूँ मैं मेरे सर पे तू अपनी रहमतों (blessings) का सायेबाँ ( shade/tent ) कर दे !! मेरी बिगड़ी (troubles of life) बना दे , पार कर दे तू मेरा बेडा (the boat of of life) चमन की तरह , मेरी ज़िन्दगी को शादमान (happy and care- free) कर दे ! मेरी जायज़ तमन्नाओं (genuine desires) की अब तकमील (fulfillment) फरमा दे मुकम्मल (complete) तू हमारी आरजुओं का जहाँ कर दे !! -- Jawaid 'Saahir'
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